जीत और हार

हर खामोशी के पीछे एक सैलाब उमड़ने कॊ है खड़ा, पर दुनिया के इन सवालों में कुछ तेज़ाब हॊता है । इंसान सोचता है कभी मिलेगा एक पल सुकून का पर कुदरत का खुशी से कुछ इंतकाम होता है ।